किसी के पैरों में गिरकर कामयाबी पाने से बेहतर है अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो.

पतझड़ हुए बिना पेड़ों पर नए पत्ते नहीं आते, कठिनाई और संघर्ष सहे बिना अच्छे दिन नही आते.

छाता और दिमाग तभी काम करते है, जब वो खुले हो, बंद होने पर दोनों बोझ लगते है.

एक न एक दिन हासिल कर ही लूंगा मंजिल ठोकरे जहर तो नहीं जो खाकर मर जाऊंगा.

कुछ अलग करना है, तो भीड़ से हट कर चलो, भीड़ साहस तो देती है, पर पहचान छिन लेती है.

जीतने का मज़ा तभी आता हैं जब, सभी आपके हारने का इंतजार कर रहे हो.

जो व्यक्ति अपनी ग़लतियों के लिए खुद से लड़ता हैं, उसे कोई भी हरा नहीं सकता.

यूँ जमीन पर बैठकर क्यूँ आसमान देखता है पँखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है.

दुनिया के लोग बड़े जालिम हैं, वो तुम्हारे दुःख, दर्द रो रो कर पूछेंगे और हंस हंस कर सारी दुनिया को बताएंगे.

यदि मंज़िल न मिले तो रास्ते बदलो ! क्योंकि वृक्ष अपनी पत्तियाँ बदलते हैं जड़े नहीं.